काट ही लेता है जहान के साथ
जिस ने काटी हो ख़ानदान के साथ
बद-सुलूकी हुई बयान के साथ
लफ़्ज़ लिपटे रहे ज़बान के साथ
सब नहीं करते कैफ़ियत से सुख़न
कुछ दुकानें भी हैं मकान के साथ
मेरा अपमान करने आए थे
उन को भेजा है पूरे मान के साथ
बात करते हैं मेरे बारे में
बात करते हैं बे-ज़ुबान के साथ
मुद्दतों बा'द उस की याद आई
ख़ामियाज़ा भरा लगान के साथ
पहले पहले बहुत थकान हुई
फिर मुहब्बत हुई थकान के साथ
जिस्म लाना तो रूह भी लाना
फूल भी लाना फूलदान के साथ
हर तबी'अत में होश-मंद था मैं
जल्दी भी की तो इत्मीनान के साथ
अब मुझे रत्ती भर गुमान नहीं
जी रहा हूँ इसी गुमान के साथ
पाँव धो कर गली के कीचड़ से
हाथ पोंछे हैं पैर-दान के साथ
कोई बैठा हुआ है धरती पर
कोई लटका है आसमान के साथ















