मेरे लोगों को मेरे ग़म से रिहाई देना
मेरे जाने की ख़बर देना बधाई देना
किसी शाइ'र के ख़यालों का दिखाई देना
या'नी तस्वीर से आवाज़ सुनाई देना
कैसा लगता है फ़ना होना किसी की ख़ातिर
और उस पर उसी बन्दे का दुहाई देना
शे'र पर दाद ज़रूरत से ज़ियादा मिलनी
खाने के बा'द मिठाई पे मिठाई देना
हर बहन को मिले भाई की कलाई लेकिन
मेरे अल्लाह! तू भाई को भी भाई देना
ग़ैर-मुमकिन भी किसी हाल में मुमकिन होगा
जैसे बहरे को इशारों से सुनाई देना
— Ashwani Mittal 'Aish'















