jab se hua hai ishq tire ism-e-zaat ka | जब से हुआ है इश्क़ तिरे इस्म-ए-ज़ात का

  - Agha Hajju Sharaf
जबसेहुआहैइश्क़तिरेइस्म-ए-ज़ातका
आँखोंमेंफिररहाहैमुरक़्क़ानजातका
मालिकहीकेसुख़नमेंतलव्वुनजोपाइए
कहिएयक़ीनलाइएफिरकिसकीबातका
दफ़्तरहमारीउम्रकादेखोगेजबकभी
फ़ौरनउसेकरोगेमुरक़्क़ानजातका
उल्फ़तमेंमरमिटेहैंतोपूछेहीजाएँगे
इकरोज़लुत्फ़उठाएँगेइसवारदातका
सुर्ख़ीकीख़त्त-ए-शौक़मेंहाजतजहाँहुई
ख़ून-ए-जिगरमेंनोकडुबोयादवातका
मूजिदजोनूरकाहैवोमेराचराग़है
परवानाहूँमैंअंजुमन-ए-काएनातका
शम्-ए-बज़्म-ए-यारवोपरवानाकौनथा
लौमेंतिरीयेदाग़हैजिसकीवफ़ातका
मुझसेतोलन-तरानियाँउसनेकभीकीं
मूसीजवाबदेसकेजिसकीबातका
इसबे-ख़ुदीकादेंगेख़ुदाकोवोक्याजवाब
दमभरतेहैंजोचंदनफ़सकेहुबाबका
क़ुदसीहुएमुतीअवोताअतबशरनेकी
कुलइख़्तियारहक़नेदियाकाएनातका
ऐसाइताब-नामातोदेखासुनानहीं
आयाहैकिसकेवास्तेसूराबरातका
ज़ी-रूहमुझकोतूनेकियामुश्त-ए-ख़ाकसे
बंदारहूँगामैंतिरेइसइल्तिफ़ातका
नाचीज़हूँमगरमैंहूँउनकाफ़साना-गो
क़ुरआनहम्द-नामाहैजिनकीसिफ़ातका
रोयाहैमेरादीदा-ए-तरकिसशहीदको
मशहूरहोगयाहैजोचश्माफ़ुरातका
आएतोआएआलम-ए-अर्वाहसेवहाँ
दमभरजहाँनहींहैभरोसासबातका
धूमउसकेहुस्नकीहैदो-आलममें'शरफ़'
ख़ुर्शीदरोज़काहैवोमहताबरातका
  - Agha Hajju Sharaf
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