इस ज़माने से बगावत कीजिये - Bhaskar Shukla

इस ज़माने से बगावत कीजिये
इश्क़ करने की हिमाक़त कीजिये

सौंप दी दिल की रियासत आपको
आइये इस पर हुकूमत कीजिये

रास्ता जब इश्क़ का मौजूद है
फिर किसी की क्यों इबादत कीजिये

ख़ुदकुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिये

छोड़िए नफ़रत सियासत के लिए
आप शायर हैं मोहोब्बत कीजिये

क्या कहा, कि शायरी मुश्किल नहीं ?
कीजिये ना, आप ज़हमत कीजिये

- Bhaskar Shukla
6 Likes

More by Bhaskar Shukla

As you were reading Shayari by Bhaskar Shukla

Similar Writers

our suggestion based on Bhaskar Shukla

Similar Moods

As you were reading undefined Shayari