
जैसी तेरे साथ गुजारी सबके साथ नहीं काटूंगा
तेरे बिन मैं क्या भीगूंगा मैं बरसात नहीं काटूंगा
तुझ को जो कहना है कहदे तेरा ही तो हक है मुझ पे
तुझ से वा'दा करता हूँ मैं तेरी बात नहीं काटूंगा
तू ग़ुस्से में आ कर मुझ को तन्हा कर भी जाऐगा तो
तेरा रस्ता देखूंगा मैं अपना हाथ नहीं काटूंगा
— Aditya Kaushal















