Top 20 Dushmani Shayari

Dushmani shayari captures the raw emotions of hatred, betrayal, and revenge. It reflects the pain of broken trust and the intensity of gussa that turns relationships into rivalry. Whether it's silent resentment or open conflict, these verses express the dark side of human emotions with powerful words.

उस के दुश्मन हैं बहुत आदमी अच्छा होगा वो भी मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा — Nida Fazli
कहाँ की दोस्ती किन दोस्तों की बात करते हो मियाँ दुश्मन नहीं मिलता कोई अब तो ठिकाने का — Waseem Barelvi
अब मुझे कोई गिला नहीं है तुम भी मेरे हो वो भी मेरा सभी से अपना वास्ता है सभी से अपनी दुश्मनी है — Parwez Akhtar
झूठों से तो आप को काफ़ी नफ़रत है फिर क्यूँ जी सरकार की बातें करते हो — Alankrat Srivastava
कितना प्यार था मुझे तुम सेे कितनी नफ़रत है अब ख़ुद से — Manish Aarwash
इस महीने में ग़म-ए-हिज्राँ मिला है इस लिए नफ़रत है माह-ए-फ़रवरी से — Shajar Abbas
क़ैस को उल्फ़त है हर्फ़-ए-लाम से और हमें नफ़रत है हर्फ़-ए-लाम से — Shajar Abbas
इस लिए लड़ता है मुझ सेे मेरा दुश्मन उस का भी मेरे सिवा कोई नहीं है — Aves Sayyad
ज़रा मौसम तो बदला है मगर पेड़ों की शाख़ों पर नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे बहुत से ज़र्द चेहरों पर ग़ुबार-ए-ग़म है कम बे-शक पर उन को मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे — Javed Akhtar
उस लड़की के जाने से बस ये बदला प्यारी-प्यारी ग़ज़लें होना छूट गई — Shaad Imran
ये मान लिया मैं ने बदला हूँ बहुत लेकिन ये ठीक है क्या पहले जैसी ही रही हो तुम — Prashant Sitapuri
तेरे हाथों की मेहन्दी से रंजिश मुझे देख उस में है चेहरा किसी और का — Santy sharma
किसी भँवरे के हैं सताये हुए फूल किसी तितली से है बदला हमारा — Praveen Bhardwaj
ऐसा बदला हूँ तिरे शहर आ कर अपने घर का तो पता भूल बैठा — Akash Panwar
तुम्हारी आँख में देखे थे आँसू मुझे बारिश से नफ़रत हो गई थी — Ayush Sharma
नफ़रत धोका बुग़्ज़ तअ'स्सुब झूट दिखावा ख़ुद-ग़रज़ी कैसे कैसे ज़हर भरे हैं इंसाँ की शिरयानों में — Hina Rizvi