मैं सपनों में ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल कर रहा हूँ

और हर मरने वाले के साथ मर रहा हूँ
मैं अपने लफ़्ज़ों के जरिए तुम्हें साँसों के सिलेंडर भेजूँगा
जो तुम्हें इस जंग में हारने नहीं देंगे
और तुम्हारी देखभाल करने वालों के हाथों को काँपने नहीं देंगे
ऑक्सीजन स्टॉक ख़त्म होने की ख़बरें गर्दिश भी करें तो क्या
मैं तुम्हारे लिए अपनी नज़्मों से वेंटीलेटर बनाऊँगा
अस्पतालों के बिस्तर भर भी जाएँ
कुछ लोग तुम से बिछड़ भी जाएँ
तो हौसला मत हारना क्यूँकि
रात चाहे जितनी मर्ज़ी काली हो गुज़र जाने के लिए होती है
रंग उतर जाने के लिए होते हैं और ज़ख़्म भर जाने के होते हैं

— Tehzeeb Hafi

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