Ashwani Mittal 'Aish'

Ashwani Mittal 'Aish'

@Ashwanimittal66

Ashwani Mittal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ashwani Mittal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Ghazal

लौट जाता है कोई बाहरस चीख़ उठता है कोई अंदर से सारे दरियाओं को डकार गया यही उम्मीद थी समुंदर से चोर आएगा, क्या ले जाएगा? एक फ़ोटो मिलेगी लोकर से सारे इक्के खड़े हैं शर्मिंदा बाज़ी जीती गई है जोकर से शाहज़ादा फ़िदा नचनिया पर शाहज़ादी की शादी नौकर से ज़ेहन उड़ता है आसमानों में जिस्म लिपटा हुआ है बिस्तर से मिसरा छाती को चीर देता है शे'र जाता है सर के ऊपर से ऊला लेटा हुआ है धरती पर सानी जा कर लगेगा अंबर से इश्क़ करलूँ मैं आपसे, या'नी आइना दिल लगा ले पत्थर से? मुझ को ग़ुस्सा ज़रा सा क्या आया ख़ून बहने लगा पलस्तर से लेनदार आ गए हैं अंदर तक पैर बाहर गए थे चादर से या जलादो इसे या दफ़नादो बास आने लगी है फ़्रीज़र से — Ashwani Mittal 'Aish'
काट ही लेता है जहान के साथ जिस ने काटी हो ख़ानदान के साथ बद-सुलूकी हुई बयान के साथ लफ़्ज़ लिपटे रहे ज़बान के साथ सब नहीं करते कैफ़ियत से सुख़न कुछ दुकानें भी हैं मकान के साथ मेरा अपमान करने आए थे उन को भेजा है पूरे मान के साथ बात करते हैं मेरे बारे में बात करते हैं बे-ज़ुबान के साथ मुद्दतों बा'द उस की याद आई ख़ामियाज़ा भरा लगान के साथ पहले पहले बहुत थकान हुई फिर मुहब्बत हुई थकान के साथ जिस्म लाना तो रूह भी लाना फूल भी लाना फूलदान के साथ हर तबी'अत में होश-मंद था मैं जल्दी भी की तो इत्मीनान के साथ अब मुझे रत्ती भर गुमान नहीं जी रहा हूँ इसी गुमान के साथ पाँव धो कर गली के कीचड़ से हाथ पोंछे हैं पैर-दान के साथ कोई बैठा हुआ है धरती पर कोई लटका है आसमान के साथ — Ashwani Mittal 'Aish'