मुसलसल जंग ख़ुद से चलती रहती है
तेरी जब याद मुझ
में पलती रहती है
चला है सब चलेगा सब फ़क़त मुझ को
तेरी ही बस कमी तो खलती रहती है
मेरी हर बार इतनी ग़लती होती है
नहीं हूँ मैं ग़लत ये ग़लती रहती है
— Manoj Devdutt
तेरी जब याद मुझ
में पलती रहती है
चला है सब चलेगा सब फ़क़त मुझ को
तेरी ही बस कमी तो खलती रहती है
मेरी हर बार इतनी ग़लती होती है
नहीं हूँ मैं ग़लत ये ग़लती रहती है
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