Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
हट के देखेंगे उसे रौनक़-ए-महफ़िल से कभी
सब्ज़ मौसम में तो हर पेड़ हरा लगता है
Irfan Siddiqi
#2
कमी न की तिरे वहशी ने ख़ाक उड़ाने में
जुनूँ का नाम उछलता रहा ज़माने में
Firaq Gorakhpuri
#3
जिस शख़्स से शदीद मोहब्बत हो तुम को वो
तस्वीर में दिखाया गया हो किसी के साथ
Mueed Mirza
#4
अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने
बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
#5
है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा
क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा
Anwar Masood
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