Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
ख़ूब-सूरत ये मोहब्बत में सज़ा दी उस ने
फिर गले मिल के मेरी उम्र बढ़ा दी उस ने
Manzar Bhopali
#2
जिस की हर शाख़ पे राधाएँ मचलती होंगी
देखना कृष्ण उसी पेड़ के नीचे होंगे
Bekal Utsahi
#3
किस शफ़क़त में गुँधे हुए मौला माँ बाप दिए
कैसी प्यारी रूहों को मेरी औलाद किया
Anjum Saleemi
#4
ध्यान में आ कर बैठ गए हो तुम भी नाँ
मुझे मुसलसल देख रहे हो तुम भी नाँ
Ambreen Haseeb Ambar
#5
सख़्ती थोड़ी लाज़िम है पर पत्थर होना ठीक नहीं
हिन्दू मुस्लिम ठीक है साहब कट्टर होना ठीक नहीं
Salman Zafar
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