Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
तेरे होते हुए महफ़िल में जलाते हैं चराग़
लोग क्या सादा हैं सूरज को दिखाते हैं चराग़
Ahmad Faraz
#2
हम पे कर ध्यान अरे चाँद को तकने वाले
चाँद के पास तो मोहलत है सहर होने तक
Rehman Faris
#3
मेरी जानिब न बढ़ना अब मोहब्बत
मैं अब पहले से मुश्किल रास्ता हूँ
Liaqat Jafri
#4
वो नहीं भूलता जहाँ जाऊँ
हाए मैं क्या करूँँ कहाँ जाऊँ
Imam Bakhsh Nasikh
#5
मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भँवर है जिस की
तुम ने अच्छा ही किया मुझ से किनारा कर के
Rahat Indori
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