Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm | Poetistic
Moods
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तेरा चुप रहना मेरे ज़ेहन में क्या बैठ गया इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया
सैड
sad

सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा
मोटिवेशनल
motivational

आते आते मिरा नाम सा रह गया उस के होंटों पे कुछ काँपता रह गया
रोमांटिक
romantic

ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
लव
love

मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
ज़िंदगी
life
उस के हाथों में जो ख़ंजर है ज़्यादा तेज है और फिर बचपन से ही उस का निशाना तेज है
ब्रेकअप
breakup























