Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
हाथ मेरे भूल बैठे दस्तकें देने का फ़न
बंद मुझ पर जब से उस के घर का दरवाज़ा हुआ
Parveen Shakir
#2
हम भी क्या ज़िंदगी गुज़ार गए
दिल की बाज़ी लगा के हार गए
Dagh Dehlvi
#3
मैं तुझे खो के भी ज़िंदा हूँ ये देखा तू ने
किस क़दर हौसला हारे हुए इंसान में है
Abbas Tabish
#4
सौ मिलीं ज़िंदगी से सौग़ातें
हम को आवारगी ही रास आई
Ali Sardar Jafri
#5
कभी सहर तो कभी शाम ले गया मुझ से
तुम्हारा दर्द कई काम ले गया मुझ से
Farhat Abbas Shah
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