Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया
उदासी की मेहनत ठिकाने लगी
Adil Mansuri
#2
सोचता हूँ कि उस की आख़िरी कॉल
आख़िरी ही हुई तो क्या होगा
Fahmi Badayuni
#3
आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब
ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे
Iqbal Azeem
#4
हमेशा इक दूसरे के हक़ में दुआ करेंगे ये तय हुआ था
मिलें या बिछड़ें मगर तुम्हीं से वफ़ा करेंगे ये तय हुआ था
Shabeena Adeeb
#5
जो ज़हर पी चुका हूँ तुम्हीं ने मुझे दिया
अब तुम तो ज़िन्दगी की दुआएँ मुझे न दो
Ahmad Faraz
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