Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
तेरा चुप रहना मेरे ज़ेहन में क्या बैठ गया
इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया
Tehzeeb Hafi
#2
मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे
लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
#3
अब न काँटों ही से कुछ लाग न फूलों से लगाओ
हम ने देखा है तमाशा तेरी रा'नाई का
Fani Badayuni
#4
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
#5
अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत
बिछड़ने वाले में सब कुछ था बे-वफ़ाई न थी
Naseer Turabi
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