Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
माना कि सब के सामने मिलने से है हिजाब
लेकिन वो ख़्वाब में भी न आएँ तो क्या करें
Akhtar Shirani
#2
देखने के लिए सारा आलम भी कम
चाहने के लिए एक चेहरा बहुत
Asad Badayuni
#3
रुख़्सार पर है रंग-ए-हया का फ़रोग़ आज
बोसे का नाम मैं ने लिया वो निखर गए
Hakim Mohammad Ajmal Khan Shaida
#4
अपने सब यार काम कर रहे हैं
और हम हैं कि नाम कर रहे हैं
Jaun Elia
#5
पिछली बेंच का बच्चा है दिल
इस को हाथ उठाने देना
Shariq Kaifi
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