By:
00:00/00:00
Biggest collection of
Waseem Bar...
Adeem Hashmi
Parveen Sh...
Iqbal Ashhar
Muneer Niy...
Imam Bakhs...
Mohammad A...
Waseem Nadir
Bashir Badr
Abbas Qamar
See all
तुम्हारे सामने सच बोलने से रुक गए हैंहमें बताओ तुम्हें और क्या पसंद नहीं
0
कल तक तो बादशा थे अब राख-दान हो तुमहाकिम नहीं हो दिल के बस पासबान हो तुम
14
हाफ़िज़ों के बढ़ गए हैं देख लो रूबाब अबकुछ शराबियों ने भी कमा लिए सवाब अब
16
जलाने वाले जलाते ही हैं चराग़ आख़िरये क्या कहा कि हवा तेज़ है ज़माने की
35
बना कर फ़क़ीरों का हम भेस 'ग़ालिब'तमाशा-ए-अहल-ए-करम देखते हैं
39
71k
Sher
56k
Ghazal
6k
Nazm
"बात ये है कि आदमी शाइर या तो होता है या नहीं होता" ये शेर इस बात को तो पुख़्ता करता है कि शायर बनना कोई ऐसा काम नहीं है जो किताबी ज्ञान से पढ़ कर किया जाए। मगर शायरी के लिए ये ज़रूरी...
February 24, 2024
5 mins read
GET IT ON
Google Play
Forged with in India by Team Poetistic
an entity of poetistic media pvt. ltd.