Urdu and Hindi Poetry: Sher, Ghazal, Nazm
Today's top 5
#1
मैं वहाँ हूँ जहाँ नहीं कोई
कुछ नहीं था जहाँ वहाँ मैं था
Ejaz Azmi
#2
मज़ा चखा के ही माना हूँ मैं भी दुनिया को
समझ रही थी कि ऐसे ही छोड़ दूँगा उसे
Rahat Indori
#3
ये जो दीवार अँधेरों ने उठा रक्खी है
मेरा मक़्सद इसी दीवार में दर करना है
Azm Shakri
#4
जब तक जला ये हम भी जले इस के साथ साथ
जब बुझ गया चराग़ तो सोना पड़े हमें
Abbas Qamar
#5
बैठे बैठे फेंक दिया है आतिश-दान में क्या क्या कुछ
मौसम इतना सर्द नहीं था जितनी आग जला ली है
Zulfiqar Aadil
Send coins to a poet you love
Coins help us pay writers directly
Listen
See allShop Now
See all
Shayari Bookmarks
10pcs































