Mother's Day Shayari
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Mother's Day Shayari

चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है — Munawwar Rana
ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख़्शी है कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं — Munawwar Rana
मुनव्वर माँ के आगे यूँँ कभी खुल कर नहीं रोना जहाँ बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती — Munawwar Rana
मुझे मालूम है माँ की दुआएँ साथ चलती हैं सफ़र की मुश्किलों को हाथ मलते मैं ने देखा है — Aalok Shrivastav
बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर माँ सब से कह रही है कि बेटा मज़े में है — Munawwar Rana
तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक मुझ को अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी — Munawwar Rana
मैं ने कल शब चाहतों की सब किताबें फाड़ दीं सिर्फ़ इक काग़ज़ पे लिक्खा लफ़्ज़-ए-माँ रहने दिया — Munawwar Rana
अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है — Munawwar Rana
मुझ सेे बेहतर लड़का तो मिल जाएगा लेकिन मेरी माँ से बेहतर सास नहीं — Tanoj Dadhich
एक मुद्दत से मिरी माँ नहीं सोई 'ताबिश' मैं ने इक बार कहा था मुझे डर लगता है — Abbas Tabish
ये सोच के माँ बाप की ख़िदमत में लगा हूँ इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा — Munawwar Rana
लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूँ हिंदी मुस्कुराती है — Munawwar Rana
घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा ग़म छुपा कर मिरे माँ बाप कहाँ रखते थे — Unknown

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