Meaning of

अक़्द

aqd • عقد

अनुबंध; बंधन; समझौता

contract; bond; agreement

معاہدہ; بندھن; سمجھوتہ

Arabic

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है — Allama Iqbal
मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर — Zia Mazkoor
मैं ने मेहनत से हथेली पे लकीरें खींचीं वो जिन्हें कातिब-ए-तक़दीर नहीं खींच सका — Umair Najmi
शायद अगली इक कोशिश तक़दीर बदल दे ज़हर तो जब जी चाहे खाया जा सकता है — Siraj Faisal Khan
खो दिया तुम को तो हम पूछते फिरते हैं यही जिस की तक़दीर बिगड़ जाए वो करता क्या है — Firaq Gorakhpuri
मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा तेरा वा'दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा — Sahir Ludhianvi
कहीं गुलाल के हिस्से में कोई गाल नहीं कहीं पे गाल की तक़दीर में गुलाल नहीं — Harman Dinesh
पलटा दे तक़दीर हमारी आ कर माथा चूम हमारा — Siddharth Saaz
तू जो मिल जाए तो तक़दीर निगूँ हो जाए यूँँ न था मैं ने फ़क़त चाहा था यूँँ हो जाए — Faiz Ahmad Faiz

अक़्द एक औपचारिक अनुबंध या बंधन को दर्शाता है, जो अक्सर गंभीरता और प्रतिबद्धता की भावना को वहन करता है। काव्यात्मक रूप से, यह उन गहरे संबंधों का प्रतीक हो सकता है जो केवल शब्दों से परे व्यक्तियों को बांधते हैं।

कवि इसका उपयोग निष्ठा और वफादारी के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह विश्वासघात और अलगाव की धारणाओं के विपरीत होता है, वादों की पवित्रता को उजागर करता है।

अक़्द उन पवित्र बंधनों की याद दिलाता है जो हम बनाते हैं, उन वादों की गवाही देता है जो हमें परिभाषित करते हैं।