Meaning of

अक़्श

aqsh • عکس

प्रतिबिंब; छवि

reflection; image

عکس; تصویر

Arabic

नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान — Nida Fazli
मुँह लगाते ही होंठ पर तेरे पड़ गया नक़्श लाल बोसे का — Insha Allah Khan
इश्क़ का ए'जाज़ सज्दों में निहाँ रखता हूँ मैं नक़्श-ए-पा होती है पेशानी जहाँ रखता हूँ मैं — Behzad Lakhnavi
दीवार-ओ-दर पे 'कृष्णा' की लीला के नक़्श है मंदिर है ये तो 'कृष्ण' के दरबार की तरह — Shobha Kukkal
नक़्शा उठा के कोई नया शहर ढूँढ़िए इस शहर में तो सब से मुलाक़ात हो गई — Nida Fazli
रात भर उन का तसव्वुर दिल को तड़पाता रहा एक नक़्शा सामने आता रहा जाता रहा — Akhtar Shirani
पहले दिल से नक़्श मिटाये जाते हैं मेज़ से फिर तस्वीर हटा दी जाती है — Rao Nasir
फूलों की सेज पर ज़रा आराम क्या किया उस गुल-बदन पे नक़्श उठ आए गुलाब के — Adil Mansuri
दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया — Arzoo Lakhnavi

'अक़्श' शब्द एक दर्पण छवि का सुझाव देता है, एक प्रतिबिंब जो शाब्दिक और रूपक दोनों है। कविता में, यह अक्सर अस्तित्व की द्वैतता, देखे और अनदेखे, वास्तविक और कल्पित का प्रतीक होता है।

कवि 'अक़्श' का उपयोग पहचान और धारणा के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो वास्तविकता की प्रकृति में गहराई से जाता है, यह पूछते हुए कि क्या सच है और क्या केवल एक छाया है।

कविता के क्षेत्र में, 'अक़्श' हमें आत्म और दुनिया के रहस्यों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है। यह प्रकाश और छाया का नृत्य है, समझ की खोज।