Meaning of

अप्सरा

apsara • اپسرا

स्वर्गीय अप्सरा; दिव्य सौंदर्य

celestial nymph; divine beauty

آسمانی پری; الہی حسن

Sanskrit

जन्नत में आ गया था किसी अप्सरा पे दिल जिस की सज़ा-ए-मौत में दुनिया मिली मुझे — Ankit Maurya
हुआ यूँँ फिर मैं बाग़ीचे टहलते ही रहा यारों मुझे इक अप्सरा को उस के जैसा फूल देना था — Anchal Maurya
अप्सराओं से रश्क क्यूँँ है तुम्हें तुम किसी अप्सरास कम हो क्या — Ambar
हाँ रूप उस का बर्फ़ सा पर आग हो जैसे जली इक अप्सरा को पास ही हम ने ठहरते देखा है — Divya 'Kumar Sahab'
इक उम्र तक ही आशिक़ी अच्छी लगी मुझे फिर अप्सरा भी आम सी लड़की लगी मुझे — Om awasthi

प्राचीन ग्रंथों में 'अप्सरा' स्वर्ग में नृत्य करने वाली दिव्य सुंदरियों की छवि प्रस्तुत करती है, जो आकर्षण और मोहकता का प्रतीक हैं। कविता में यह शब्द अप्राप्य सौंदर्य और क्षणिक आनंद का प्रतीक बन गया है।

कवि अक्सर 'अप्सरा' का उपयोग प्रिय की मोहक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह क्षणिक आनंद की प्रकृति को व्यक्त करने के लिए भी प्रयोग होता है, जैसे इन स्वर्गीय सुंदरियों का क्षणिक नृत्य।

'अप्सरा' शब्द उस सौंदर्य का सार प्रस्तुत करता है जो दिव्य और अप्राप्य दोनों है। यह हमें हमारे जीवन में नृत्य करने वाले क्षणिक आनंद की याद दिलाता है।