Meaning of

अफ़शां

afshaan • افشاں

चमक; झिलमिलाहट; अलंकरण

glitter; sparkle; adornment

چمک; جھلمل; آرائش

Persian

शब जो होली की है मिलने को तिरे मुखड़े से जान चाँद और तारे लिए फिरते हैं अफ़्शाँ हाथ में — Mushafi Ghulam Hamdani
इस मजलिस-ए-मातम पे ज़र-अफ़्शाँ कफ़न मत रख बशर मौज़ाअ में चलते हैं कपड़े पाक मिट्टी में सने — Nikhil Tiwari 'Nazeel'
दिल-ख़राशी-ओ-जिगर-चाकी-ओ-ख़ूँ-अफ़्शानी हूँ तो नाकाम प रहते हैं मुझे काम बहुत — Meer Taqi Meer

'अफ़शां' एक नाजुक सुंदरता का सुझाव देता है जो आंखों को भाती है, जैसे सितारों की चमक या गहनों की झिलमिलाहट। कविता में, यह अक्सर किसी कीमती और क्षणभंगुर चीज़ के आकर्षण को व्यक्त करता है।

कवि 'अफ़शां' का उपयोग सुंदरता और शान की छवियों को जगाने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की आंखों में चमक या प्रकृति के अलंकरण का वर्णन कर सकता है। यह शब्द अक्सर क्षणिक सुंदरता की भावना को वहन करता है।

'अफ़शां' उस क्षणिक सुंदरता को पकड़ता है जो एक स्थायी छाप छोड़ती है। यह क्षणभंगुर फिर भी अविस्मरणीय अनुग्रह के क्षणों का प्रमाण है।