Meaning of

अरदास

ardaas • جلپ

प्रार्थना; विनती

prayer; supplication

دعا; التجا

Punjabi

आलम में करते हो नुमाइश इस क़दर रंज-ओ-अलम की ये लब नहीं खुलते जो ग़म ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त होता — Prakash Pandey
इक दिन की भी जुदाई न बर्दाश्त कर सके दुख दर्द मुझ को देख के इक दम लिपट गए — Sohil Barelvi
इश्क़ को महताब कहते हो दूरियाँ बर्दाश्त कर लो फिर — Bhanwar Mandan
तिरा जाना कहाँ बर्दाश्त होगा गले लग जाएँगे दीवार से हम — shampa andaliib
सुनो जानाँ तुम्हारे लब पे मय का एक भी क़तरा मेरी आँखों की है तौहीन और नाकाबिल-ए-बर्दाश्त — Firdous khan
तेरा मैं हूँ भले खिलौना मेरी तू अरदास रहेगी — Vinay Khandelwal
जलपरी तुम पे तो सारे रंग अच्छे ही लगेंगे पर गुलाबी रंग में तुम और अच्छी लग रही हो — Alankrat Srivastava

अरदास एक दिल से की गई प्रार्थना है, जो नश्वर और दिव्य के बीच एक सेतु का काम करती है। कविता में, यह आत्मा की तड़प और मानव अस्तित्व की विनम्रता को दर्शाती है। यह शब्द ईमानदारी का भार लिए होता है, जो अक्सर सामूहिक आध्यात्मिकता की भावना को जगाता है।

'अरदास' का उपयोग कवि गहरी आध्यात्मिक तड़प को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना या शांति के लिए सामूहिक आह्वान का प्रतीक हो सकता है। अक्सर मौन ध्यान के विपरीत, यह आध्यात्मिक अभ्यास में बोले गए शब्द की शक्ति को उजागर करता है।

अरदास, अपने सार में, दिव्य के साथ संबंध की मानव आत्मा की खोज का प्रमाण है। यह सामूहिक आशा की शक्ति की याद दिलाता है।