Meaning of

अरसा-ए-महशर

arsa-e-mahshar • عرصہ محشر

पुनरुत्थान का समय; न्याय का दिन

time of resurrection; day of judgment

قیامت کا وقت; فیصلے کا دن

Arabic

'अरसा-ए-महशर' शब्द अंतिम दिन की गहरी छवि को उभारता है जब सभी आत्माएँ न्याय के लिए इकट्ठा होती हैं। कविता में, यह अंतिम निर्णय का प्रतीक है, सत्य का वह क्षण जब सभी परदे उठ जाते हैं और वास्तविकता नग्न खड़ी होती है। यह अवधारणा आध्यात्मिक और अस्तित्वगत चिंतन में गहराई से निहित है, जो अक्सर जीवन, मृत्यु और परलोक पर कवि के आत्मनिरीक्षण को दर्शाती है।

'अरसा-ए-महशर' का उपयोग कवि अक्सर अस्तित्वगत भय और नैतिक उत्तरदायित्व के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत संकटों या सत्य के क्षणों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है। यह शब्द सांसारिक चिंताओं के विपरीत भी हो सकता है, जो सांसारिक जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'अरसा-ए-महशर' उन अपरिहार्य सत्यों की एक गंभीर याद दिलाता है जिनका हम सभी को सामना करना पड़ता है। यह क्षणभंगुर के बीच शाश्वत पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।