Meaning of

आगाह

aagaah • آگاہ

जानकार; सूचित; सचेत

aware; informed; conscious

واقف; مطلع; ہوشیار

Persian

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नहीं — Hairat Allahabadi
ख़ुद-आगाही है या है ख़ौफ़ कोई सिमटता जा रहा हूँ मैं जो ख़ुद में — Ajeetendra Aazi Tamaam
इश्क़ परवाह क्यूँ नहीं करता वक़्त आगाह क्यूँ नहीं करता — Taufique Habib
आगाह मैं चराग़ जलाते ही हो गया दुनिया मिरे हिसाब से बढ़ कर ख़राब है — Jamal Ehsani

‘आगाह’ शब्द एक गहरी जागरूकता का भाव उत्पन्न करता है, जहाँ व्यक्ति केवल सूचित नहीं होता, बल्कि अपने परिवेश और आंतरिक विचारों के प्रति गहराई से सचेत होता है। कविता में, यह जागरूकता अक्सर सांसारिकता से परे जाकर जीवन के आध्यात्मिक या गूढ़ रहस्यों को छूती है।

कवि अक्सर ‘आगाह’ का उपयोग किसी पात्र की गहरी समझ या बोध को दर्शाने के लिए करते हैं। यह भ्रम के बीच स्पष्टता के क्षण को या किसी नई सच्चाई के प्रति जागरूकता को इंगित कर सकता है। यह शब्द अज्ञानता के विपरीत है, अंधकार से प्रकाश की यात्रा को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, ‘आगाह’ ज्ञान का एक प्रकाशस्तंभ है। यह पाठक को चेतना की गहराइयों का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करता है।