Meaning of

आजा़र

aazaar • آزار

कष्ट; पीड़ा

trouble; distress

تکلیف; اذیت

Persian

कहीं लगता नहीं है दिल कि घर हो या हो वीराना हमारे सर पे ना जाने जो है, आज़ार किस का है? — Ashutosh Kumar "Baagi"
आओ कि दूसरी किसी कश्ती का रुख़ करें इस नाव में कुछ भी नहीं आज़ार के सिवा — Shivam chaubey
कोई आज़ार ही न दुनिया का हम न थे हैं हरीस पैसे के — Vinod Ganeshpure
तुम्हारा बैग भी तय्यार कर के रक्खा है अकेली हिज्र के आज़ार क्यूँ उठाऊँ मैं — Zahraa Qarar
बेतरतीब बातों का क्या मलाल करें बे-आज़ार लोगों से क्या सवाल करें — gaurav saklani
उतरा यहाँ जो प्यार मुझ पे दोस्तों गुज़रे कई आज़ार मुझ पे दोस्तों — Azhan 'Aajiz'

आज़ार असुविधा और बेचैनी का भार वहन करता है, एक छाया जो दिल के कोनों में मंडराती रहती है। कविता में, यह अक्सर भावनात्मक दर्द की जटिलताओं और आत्मा की मौन पुकारों को उजागर करता है।

कवि 'आज़ार' का उपयोग पीड़ा और लालसा के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह दिल की मौन उथल-पुथल या शांति की निरंतर खोज को व्यक्त कर सकता है।

आज़ार अनकहे दुखों की गूंज है, दिल की दृढ़ता का प्रमाण।