Meaning of

आतिश

aatish • آتش

आग; ज्वाला; जुनून

fire; flame; passion

آگ; شعلہ; جذبہ

Persian

इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब' कि लगाए न लगे और बुझाए न बने — Mirza Ghalib
बैठे बैठे फेंक दिया है आतिश-दान में क्या क्या कुछ मौसम इतना सर्द नहीं था जितनी आग जला ली है — Zulfiqar aadil
कौन छेड़े फिर वही क़िस्सा पुराना आतिशों का काम है जलना जलाना — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
तब जा के कहीं ज़ाबित-ओ-मज़बूत हुए हैं हम साल कई आतिश-ए-दोज़ख़ में जले हैं — Meem Maroof Ashraf
वो क़हर था कि रात का पत्थर पिघल पड़ा क्या आतिशीं गुलाब खिला आसमान पर — Zafar Iqbal
बाद-ए-बहार में सब आतिश जुनून की है हर साल आवती है गर्मी में फ़स्ल-ए-होली — Wali Uzlat
रंजिशों की आतिशों में सारी बस्ती जल रही थी वो फ़क़त अपनी ही ज़िद में घर को फूँके जा रहे थे — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
कान्हा बनें आतिश भला क्योंकर कहो राधा को ही रुक्मणि बनाना है उसे — Aatish Alok

'आतिश' मूल रूप से आग या ज्वाला को दर्शाता है, जो प्रकाश और गर्मी का स्रोत है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर जुनून, तीव्रता और भावनाओं की भस्मकारी प्रकृति को समाहित करता है। यह उस आंतरिक आग की बात करता है जो रचनात्मकता और इच्छा को प्रेरित करती है।

कवि 'आतिश' का उपयोग प्रेम की तीव्रता और प्रेरणा की ज्वाला को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह स्नेह की गर्माहट और अनियंत्रित भावनाओं की विनाशकारी शक्ति दोनों को चित्रित कर सकता है। यह अक्सर शांति के विपरीत होता है, मानव अनुभव की द्वैतता को उजागर करता है।

हृदय की भट्टी में, 'आतिश' एक अडिग चमक के साथ जलता है। यह वह आग है जो गर्माहट भी देती है और भस्म भी करती है।