Meaning of

आतिश-ए-दोज़ख़

aatish-e-dozakh • آتش دوزخ

नरक की आग; दोज़ख़ की लपटें

fire of hell; infernal flames

دوزخ کی آگ; جہنمی شعلے

Arabic

तब जा के कहीं ज़ाबित-ओ-मज़बूत हुए हैं हम साल कई आतिश-ए-दोज़ख़ में जले हैं — Meem Maroof Ashraf

यह वाक्यांश नरक की तीव्र और अडिग लपटों की छवि प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर यातना, दंड और पाप और अपराधबोध की भस्म करने वाली प्रकृति का प्रतीक होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग भय और नैतिक चिंतन को जगाने के लिए करते हैं। यह आंतरिक उथल-पुथल और किसी के कार्यों के परिणामों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

यह वाक्यांश नैतिक विफलताओं के बाद आने वाले परिणामों की एक शक्तिशाली याद दिलाता है। यह अनंत पीड़ा की एक जीवंत छवि है।