Meaning of

आतिश-ए-हिज्र

aatish-e-hijr • آتش ہجر

वियोग की अग्नि; तड़प की जलन

fire of separation; burning of longing

ہجر کی آگ; تڑپ کی جلن

Persian

'आतिश-ए-हिज्र' शब्द उस तीव्र भावनात्मक पीड़ा और तड़प को दर्शाता है जो प्रिय से वियोग के साथ होती है। कविता में, यह जलती हुई इच्छा और प्रेम की भस्म करने वाली अग्नि का प्रतीक है जो दूरी और अनुपस्थिति के बावजूद बनी रहती है।

कवि 'आतिश-ए-हिज्र' का उपयोग प्रेम की तड़प की भस्म करने वाली प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की आंतरिक उथल-पुथल, अनुपस्थिति की निरंतर पीड़ा, और वह जलती हुई जुनून को चित्रित कर सकता है जो बुझने से इंकार करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'आतिश-ए-हिज्र' उज्ज्वल रूप से जलता है, प्रेम और तड़प की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।