Meaning of

आफ़्ताब

aftaab • آفتاب

सूरज; धूप; चमक

sun; sunlight; radiance

آفتاب; دھوپ; چمک

Persian

वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया — Rajesh Reddy
वो अपने चेहरे में सौ आफ़ताब रखते हैं इसीलिए तो वो रुख़ पे नक़ाब रखते हैं — Hasrat Jaipuri
जिस को बड़ा ग़ुरूर था अपने वजूद पर वो आफ़ताब शाम की चौखट पे मर गया — Shahid Sagri
लिफ़ाफ़ा अपनी यादों का खुला छोड़ो फ़िदाई जी रहा, ख़त के सहारे से — Ganesh gorakhpuri
ज़माना चाहे जो आज कर ले नहीं रुकेंगे क़दम हमारे जिस आग से आफ़ताब रौशन वो आग दिल में धधक रही है — Amaan Pathan
वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया — Rajesh Reddy
चाँद ला सका नहीं कभी सनम है सच मगर ला रहा हूँ मैं तुम्हारी ख़ातिर आफ़ताब अब — Amaan Pathan
याद में तेरी खो कर हम ग़ज़ल बनाते हैं आफ़ताब ढ़लता है जब ये शाम होती है — Chandan Sharma
न देता आफ़्ताबों में दिखाई, अब क्या बोलें हमारी जान को ना दे सुनाई, अब क्या बोलें — Raunak Karn

'आफ़्ताब' शब्द सूरज की पूरी महिमा को सामने लाता है, जो जीवन, गर्मी और चमक का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर प्रेम या सत्य की प्रकाशमय शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जो छायाओं को दूर करता है और स्पष्टता लाता है।

कवि 'आफ़्ताब' का उपयोग ज्ञान और आशा का प्रतीक बनाने के लिए करते हैं। यह उन पंक्तियों में प्रकट होता है जो नई शुरुआत, प्रेमी की दृष्टि की गर्मी, या समझ की सुबह की बात करती हैं।

काव्यिक क्षेत्र में, 'आफ़्ताब' आशा और स्पष्टता का प्रकाशस्तंभ बनकर चमकता है, भीतर के अंधकार को दूर करता है।