Meaning of

आरिज़-ए-गुलफ़ाम

aariz-e-gulfaam • ساقی مہ وش

गुलाबी गाल; गुलाब के रंग का गाल

cheek of rose color; rosy cheek

گلابی رخسار; گلاب کے رنگ کا رخسار

Persian

बोसे अपने आरिज़-ए-गुलफ़ाम के ला मुझे दे दे तिरे किस काम के — Muztar Khairabadi

यह वाक्यांश उस गाल की कोमल सुंदरता और आकर्षण को दर्शाता है जो गुलाब के कोमल, मोहक रंग जैसा होता है। कविता में, यह अक्सर यौवन, सुंदरता और इन गुणों की क्षणभंगुरता का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की सुंदरता की जीवंत छवि बनाने के लिए करते हैं। यह मासूमियत या यौवन की क्षणभंगुरता का संकेत दे सकता है। कभी-कभी, यह वास्तविकता की कठोरता के विपरीत होता है।

कविता की दुनिया में, 'आरिज़-ए-गुलफ़ाम' यौवन की क्षणभंगुर सुंदरता को पकड़ता है, समय और सुंदरता के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।