Meaning of

आशिक़-ए

aashiq-e • عاشق

प्रेमी; समर्पित

lover of; devoted to

محبت کرنے والا; وقف

Arabic

एक नया आशिक़ है उस का, जान छिड़कता है उसपर मुझ को डर है वो भी इक दिन मय-ख़ाने से निकलेगा — Siddharth Saaz
हम उस के दिल में रहते हैं सो अच्छे हैं वगरना दोस्त अदाओं से तो आशिक़ को वो ज़िंदा मार देती है — Ankit Maurya
इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है या'नी अपना ही मुब्तला है इश्क़ — Meer Taqi Meer
अनोखी वज़्अ' है सारे ज़माने से निराले हैं ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले हैं — Allama Iqbal
ये रीत तो चलती रहेगी आशिक़ी में मौत की आशिक़ तो होंगे और भी फिर तेरे दीवाने के बा'द — Amaan Pathan
किसी कॉलेज में टकराए तो कहना उसे यारो तेरे स्कूल का आशिक़ बहुत मिस करता है तुझ को — Rohit Gustakh
उस की बस्ती से पहले कब्रिस्तान आशिकों के लिए इशारा था — Unknown
'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज — Hasrat Mohani
पागल हो दीवाने हो या आशिक़ हो पूछा उस ने मैं ने बोला शाइ'र हूँ मैं, मेरे अंदर सब के सब — Tanoj Dadhich
आशिक़ का ख़त है पढ़ना ज़रा देख-भाल के काग़ज़ पे रख दिया है कलेजा निकाल के — LALA RAKHA RAM BARQ

आशिक़-ए गहरे समर्पण या किसी के प्रति प्रबल लगाव को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर प्रेम या प्रशंसा की तीव्रता को उजागर करता है, जो साधारण स्नेह से परे होता है।

कवि 'आशिक़-ए' का उपयोग गहरे प्रेम या समर्पण को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह किसी प्रिय, आदर्श, या यहाँ तक कि किसी उद्देश्य की ओर निर्देशित हो सकता है।

आशिक़-ए उस प्रेम का सार प्रस्तुत करता है जो सीमाओं को नहीं जानता, एक समर्पण जो अस्तित्व को परिभाषित करता है।