Meaning of

आ'शिक़

a'ashiq • عاشق

प्रेमी; प्रशंसक

lover; admirer

محبوب; عاشق

Arabic

आशिक़ का ख़त है पढ़ना ज़रा देख-भाल के
काग़ज़ पे रख दिया है कलेजा निकाल के

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एक नया आशिक़ है उस का, जान छिड़कता है उसपर
मुझ को डर है वो भी इक दिन मय-ख़ाने से निकलेगा

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किसी कॉलेज में टकराए तो कहना उसे यारो
तेरे स्कूल का आशिक़ बहुत मिस करता है तुझ को

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हम उस के दिल में रहते हैं सो अच्छे हैं वगरना दोस्त
अदाओं से तो आशिक़ को वो ज़िंदा मार देती है

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उस की बस्ती से पहले कब्रिस्तान
आशिकों के लिए इशारा था

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इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है
या'नी अपना ही मुब्तला है इश्क़

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'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी
सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज

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अनोखी वज़्अ' है सारे ज़माने से निराले हैं
ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले हैं

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पागल हो दीवाने हो या आशिक़ हो पूछा उस ने
मैं ने बोला शाइ'र हूँ मैं, मेरे अंदर सब के सब

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ये रीत तो चलती रहेगी आशिक़ी में मौत की
आशिक़ तो होंगे और भी फिर तेरे दीवाने के बा'द

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आशिक़ का ख़त है पढ़ना ज़रा देख-भाल के
काग़ज़ पे रख दिया है कलेजा निकाल के

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एक नया आशिक़ है उस का, जान छिड़कता है उसपर
मुझ को डर है वो भी इक दिन मय-ख़ाने से निकलेगा

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'आ'शिक़' शब्द गहरे स्नेह और लालसा का भार वहन करता है। कविता में, यह अक्सर उस प्रेमी का प्रतीक होता है जिसकी भावनाएँ तीव्र और सर्वग्राही होती हैं, जो प्रेम के उतार-चढ़ाव को दर्शाती हैं।

कवि 'आ'शिक़' का उपयोग भक्ति और इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रिय के विपरीत होता है, प्रेमी के संघर्षों और कष्टों को उजागर करता है। यह शब्द आनंद और दुःख दोनों को व्यक्त कर सकता है।

कविता में, 'आ'शिक़' प्रेमी की यात्रा का शाश्वत प्रतीक है, जो जुनून और मार्मिकता से भरी होती है।