Meaning of

इज़्तिराब-ए-शौक़

iztiraab-e-shauq • اضطراب شوق

इच्छा की बेचैनी; लालसा की व्याकुलता

restlessness of desire; agitation of longing

خواہش کی بے چینی; آرزو کی بے قراری

Persian

यह वाक्यांश अधूरी इच्छाओं की तीव्र और अक्सर अस्थिर ऊर्जा को पकड़ता है। कविता में, यह लालसा के कारण होने वाले आंतरिक उथल-पुथल को दर्शाता है, एक ऐसी स्थिति जहाँ हृदय आशान्वित और पीड़ित दोनों होता है।

कवि इसे इच्छा की द्वैत प्रकृति - इसकी सुंदरता और इसके कष्ट को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। इसे अक्सर प्रेमी के कार्यों के पीछे एक प्रेरक शक्ति के रूप में चित्रित किया जाता है, सृजन और विनाश दोनों के लिए एक उत्प्रेरक।

इज़्तिराब-ए-शौक़ लालसा के विरोधाभास को समाहित करता है - प्रेरणा और अशांति दोनों का स्रोत। यह हृदय की पूर्णता की निरंतर खोज की याद दिलाता है।