Meaning of

इन्तेक़ाम

inteqaam • انتقام

बदला; प्रतिशोध

revenge; retribution

بدلہ; انتقام

Arabic

हमारी आख़िरी सिगरेट थी ये अरे दुनिया जो तुझ पे ग़ुस्से में हम ने अभी जला ली है — Swapnil Tiwari
कोई तुम सा भी काश तुम को मिले मुद्दआ' हम को इंतिक़ाम से है — Meer Taqi Meer
तू समझता है कि रिश्तों कि दुहाई देंगे अरे हम तो वो हैं तेरे चेहरे से दिखाई देंगे — Waseem Barelvi
हम पे कर ध्यान अरे चाँद को तकने वाले चाँद के पास तो मोहलत है सहर होने तक — Rehman Faris
हुस्न को शर्मसार करना ही इश्क़ का इंतिक़ाम होता है — Asrar Ul Haq Majaz
शिकस्ता दिल शब-ए-ग़म दर्द रुसवाई अरे इतना तो चलता है मुहब्बत में — Sapna Moolchandani
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं — Firaq Gorakhpuri
अरे मैं इंतिक़ामन रो रहा हूँ मैं चुप हो जाऊँगा उस को रुला के — Swapnil Tiwari

अपने मूल अर्थ में, 'इन्तेक़ाम' एक गहरे, जलते हुए इच्छा को व्यक्त करता है, जो किसी अन्याय को सही करने की चाह रखता है। कविता में यह अक्सर एक महान, लगभग महानुभाविक खोज के रूप में उभरता है, जहाँ व्यक्तिगत और सार्वभौमिक आपस में मिलते हैं।

कवि अक्सर 'इन्तेक़ाम' का उपयोग न्याय और नैतिक संतुलन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक चरित्र के आंतरिक संघर्ष या समाज की निष्पक्षता की खोज का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'इन्तेक़ाम' मानव भावनाओं और न्याय की जटिलताओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।