Meaning of

इशाअत

ishaat • اشاعت

प्रकाशन; प्रसार

publication; dissemination

اشاعت; پھیلاؤ

Arabic

ख़ुश रहे ता-उम्र तू अपनी निशात-ए-ज़िंदगी में तेरे पथ ने ओढ़ी है झड़ते हुए फूलों की चादर — Piyush Nishchal
ख़्वाहिशात-ए-नफ़्स जब ग़ालिब हुई इंसान पर अच्छी खासी ज़िंदगानी थी जहन्नम बन गई — Shajar Abbas
निशात-ओ-ऐश-ए-अलम की न ही दवा लीजे अगर कमाना है इल्म इस की फिर सज़ा लीजे — Naresh sogarwal 'premi'
कितने ऐश-ओ-निशात के दिन थे कुछ भी जब आशकार था ही नहीं — Meem Maroof Ashraf

'इशाअत' मूल रूप से किसी चीज़ को ज्ञात करने या जानकारी फैलाने की क्रिया को दर्शाता है। कविता के क्षेत्र में, यह विचारों, भावनाओं और सांस्कृतिक कथाओं के प्रसार का गहरा अर्थ लेता है, जैसे पानी में फेंके गए पत्थर से उत्पन्न लहरें।

कवि 'इशाअत' का उपयोग संचार और शब्दों की शक्ति के विषय की खोज के लिए करते हैं। यह कवि की आवाज़ के दुनिया तक पहुँचने या सांस्कृतिक धरोहर के प्रसार का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द प्रभाव और विरासत के विचार को जागृत करता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'इशाअत' अभिव्यक्ति की स्थायी शक्ति का प्रमाण है। यह हमें साझा कहानियों और विचारों के स्थायी प्रभाव की याद दिलाता है।