Meaning of

इक़रार

iqraar • اقرار

स्वीकारोक्ति; मान्यता

confession; acknowledgment

اقرار; اعتراف

Arabic

ये दिन तो सर्फ़ आप के वादों में हो गए अब दिन नया निकालिए इक़रार के लिए — Nizam Rampuri
मोहब्बत के इक़रार से शर्म कब तक कभी सामना हो तो मजबूर कर दूँ — Akhtar Shirani
ऐसे इक़रार में इनकार के सौ पहलू हैं वो तो कहिए कि लबों पे न तबस्सुम आए — Asad Bhopali
इक़रार में कहाँ है इनकार की सी ख़ूबी होता है शौक़ ग़ालिब उस की नहीं नहीं पर — Meer Taqi Meer
रक़ीबों से बहुत वो आज कल इक़रार करता है मगर मुझ को सभी के सामने इनकार करता है — Danish Balliavi
तेरा इकरार मुझे सिर्फ़ तेरा कर देता तेरे इनकार ने ते माँग बढ़ाई मेरी — Vishal Bagh
ये और बात कि इक़रार कर सकें न कभी मिरी वफ़ा का मगर उन को ए'तिबार तो है — Aleem Akhtar
वो मेहरबाँ है तो इक़रार क्यूँँ नहीं करता वो बद-गुमाँ है तो सौ बार आज़माए मुझे — Qateel Shifai
मोहब्बत का तक़ाज़ा कर दिया इकरार से पहले हमें इस जल्दबाज़ी की सज़ा दी दोस्त कह कर के — arjun chamoli

इक़रार एक ऐसा शब्द है जो सत्य कहने के साहस और अपनी आत्मा को उजागर करने की असुरक्षा को समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर उस क्षण का प्रतीक होता है जब छिपी हुई भावनाएँ उजागर होती हैं। यह ईमानदारी की शक्ति और स्वीकृति की सुंदरता की बात करता है।

कवि 'इक़रार' का उपयोग प्रेम, अपराधबोध, और मुक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो भावनात्मक ईमानदारी और स्वीकारोक्ति की परिवर्तनकारी शक्ति के सार को पकड़ता है।

इक़रार, अपनी काव्यात्मक गहराई में, हमें सत्य में पाई जाने वाली मुक्ति की याद दिलाता है। यह अपनी मानवता को एक कोमल आलिंगन है।