Meaning of

उज़्र

uzr • عذر

बहाना; माफ़ी; औचित्य

excuse; apology; justification

بہانہ; معافی; جواز

Arabic

हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

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आज का दिन भी ऐश से गुज़रा
सर से पाँव तक बदन सलामत है

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रास्ते में फिर वही पैरों का चक्कर आ गया
जनवरी गुज़रा नहीं था और दिसंबर आ गया

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वो जिस की छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं
वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँँ नहीं करता

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साल के आख़िरी दिन उस ने दिया वक़्त हमें
अब तो ये साल कई साल नहीं गुज़रेगा

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एक अजब सानेहा गुज़रा है मेरे माज़ी में
मेरी दिलचस्पी ख़त्म हो गई है शादी में

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बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर
वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे

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उम्र गुज़री है माँजते ख़ुद को
साफ़ हैं पर चमक नहीं पाए

डाल ने फूल की तरह पाला
ख़ार थे ना महक नहीं पाए

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सदाएँ देते हुए और ख़ाक उड़ाते हुए
मैं अपने आप से गुज़रा हूँ तुझ तक आते हुए

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कितनी लंबी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की

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हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

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आज का दिन भी ऐश से गुज़रा
सर से पाँव तक बदन सलामत है

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'उज़्र' मूल रूप से क्षमा माँगने या दोष से बचने के लिए कारण प्रस्तुत करने का भाव रखता है। कविता में, यह मानवीय संबंधों के नाजुक नृत्य को दर्शाता है, जहाँ बहाने अक्सर गहरी भावनाओं या अनकही सच्चाइयों को छुपाते हैं।

'उज़्र' का उपयोग कवि अक्सर पछतावे और सुलह के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रेमियों के बीच अनकहे तनावों या दिल के आंतरिक संघर्षों की ओर संकेत कर सकता है। यह शब्द उन माफ़ियों की कड़वाहट को भी दर्शा सकता है जो बहुत देर से आती हैं।

कविता के क्षेत्र में, 'उज़्र' मानव भावनाओं की जटिलताओं को दर्शाने वाला एक दर्पण बन जाता है, जहाँ शब्द अक्सर विफल होते हैं लेकिन भावनाएँ बनी रहती हैं।