Meaning of

उम्र-ए-राएगाँ

umr-e-raaegaan • طیران چمن

व्यर्थ जीवन; निष्फल अस्तित्व

wasted life; futile existence

ضائع زندگی; بے سود وجود

Persian

उम्र-ए-राएगाँ एक ऐसा भाव है जो समय के व्यर्थ बीतने की अनुभूति कराता है। यह एक ऐसे जीवन की उदासी को दर्शाता है जो व्यर्थ चला गया हो, जहाँ सपने अधूरे रह गए हों और आकांक्षाएँ पूरी न हुई हों। कविता में, यह मानव अस्तित्व की अस्तित्वगत चिंता को दर्शाता है, एक ऐसे जीवन के मूल्य पर सवाल उठाता है जो कुछ भी हासिल नहीं कर पाया।

कवि अक्सर 'उम्र-ए-राएगाँ' का उपयोग मानव प्रयासों की व्यर्थता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह खोए हुए अवसरों और अधूरी इच्छाओं का विलाप है। यह शब्द आशा और उपलब्धि के शब्दों के साथ विरोधाभास कर सकता है, आकांक्षा और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करता है।

'उम्र-ए-राएगाँ' की शांत चिंतन में, समय के बीतने का गहरा भार मिलता है। यह जीवन की क्षणभंगुरता की याद दिलाता है।