Meaning of

कअ'बे

ka'abe • کعبہ

काबा; पवित्र स्थल; भक्ति का केंद्र

Kaaba; sacred site; center of devotion

کعبہ; مقدس مقام; عقیدت کا مرکز

Arabic

उबलते अश्क न रख रोक के बहा दे इन्हें
कहीं ये अश्क न पलकें तिरी जला डालें

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का'बा किस मुँह से जाओगे 'ग़ालिब'
शर्म तुम को मगर नहीं आती

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दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया

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फ़िक्र-ए-काबा न बुत परस्ती है
मेरी अपनी ही मौज मस्ती है

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मिस्ल-ए-का'बा था तुझ को क्या मालूम
वो मकाँ तू ने जो गिरा डाला

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तवाफ-ए-खाना-ए-काबा है मोमिनों के लिए
तवाफ-ए-तुर्बत-ए-मजनू करो गर आशिक़ हो

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दिल-ए-शजर भी है मानिंद-ए-ख़ाना-ए-काबा
दिल-ए-शजर में भी परवरदिगार रहता है

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बच के रहना कि हाँ वही लड़की
का'बा-ए-दिल को ढाने वाली है

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हम हैं के इश्क़ का इज़हार किए जाते हैं
और इक वो हैं के इनकार किए जाते हैं

तोड़कर दिल वो शजर आज हमारा देखो
ख़ाना-ए-काबा को मिस्मार किए जाते हैं

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घर से निकला था मैं सू-ए-काबा
पर क़दम ले चले हैं मय खाना

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उबलते अश्क न रख रोक के बहा दे इन्हें
कहीं ये अश्क न पलकें तिरी जला डालें

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का'बा किस मुँह से जाओगे 'ग़ालिब'
शर्म तुम को मगर नहीं आती

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काबा आध्यात्मिक लालसा का केंद्र है, एकता और भक्ति का प्रतीक। कविता में, यह अक्सर आत्मा की यात्रा के अंतिम लक्ष्य का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ सांसारिक इच्छाएँ दिव्य प्रेम में विलीन हो जाती हैं।

कवि काबा को अंतिम आध्यात्मिक खोज के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह अक्सर सांसारिक विकर्षणों के विपरीत होता है, जो पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है।

कविता में काबा केवल एक स्थान नहीं है; यह दिव्यता की ओर एक यात्रा है।