Meaning of

कजरारी

kajraari • کجراری

गहरा; काजल से सजी (आँखें)

dark; kohl-lined (eyes)

گہرا; کاجل سے سجی (آنکھیں)

Hindi

उस की जानिब देख रहा हूँ ले कर सौ इम्कान कजरारी आँखें हैं जिस की ख़ंदा-लब पहचान — Alok Kumar 'Tabiib'

'कजरारी' शब्द काजल से सजी आँखों की छवि को उभारता है, जो गहरी और रहस्यमयी होती हैं। कविता में, यह आकर्षण और रहस्य का प्रतीक है, अक्सर प्रिय की मोहक दृष्टि का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

कवि अक्सर 'कजरारी' का उपयोग मोहक आँखों की तस्वीर बनाने के लिए करते हैं जो रहस्य समेटे होती हैं। यह एक रूपक है जो सौंदर्य को दर्शाता है, जो देखा और महसूस किया जाता है, पाठक को भावनाओं की गहराई में जाने के लिए आमंत्रित करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'कजरारी' आँखें आत्मा की खिड़कियाँ हैं, जो अनंत अन्वेषण और प्रशंसा के लिए आमंत्रित करती हैं।