Meaning of

कण्ठ

kanth • کنٹھ

गला; आवाज़; आलिंगन

throat; voice; embrace

گلا; آواز; آغوش

Sanskrit

महादेव ने है सिखाया हमें तो रखो ज़हर को कंठ में, मत उबालो — "Dharam" Barot
कंठ में तुलसी की माला माथ पर चंदन तिलक है कृष्ण की वो है दुलारी दिल जिसे मैं दे चुका हूँ — Alankrat Srivastava
कंठ से ज़हर नीचे आ पहुँचा भोले शंकर मदद करो मेरी — Sohil Barelvi

'कण्ठ' शब्द आवाज़ और भावना के बीच की गहरी कड़ी को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर उस माध्यम का प्रतीक होता है जिसके द्वारा भावनाएँ व्यक्त की जाती हैं, चाहे वह गीत हो या भाषण। गला शरीर का एक नाज़ुक हिस्सा भी माना जाता है, जो कोमलता और नाज़ुकता की परत जोड़ता है।

कवि अक्सर 'कण्ठ' का उपयोग गहरे भावनात्मक गान या भाषण के लिए करते हैं। यह प्रेमी के आलिंगन का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है, जहाँ गला निकटता और अंतरंगता का प्रतीक बन जाता है।

कविता में, 'कण्ठ' भावना का पात्र है, जो शब्दों का भार और आलिंगन की गर्मी को वहन करता है।