Meaning of

कपोल

kapool • کپول

गाल; चेहरा

cheek; face

گال; چہرہ

Sanskrit

गुल मुरझाए खिल जाते देख कपोलों की लाली को इक लट बेहद दुख देती उस के झुमके और बाली को — Sandeep dabral 'sendy'
मुझे तो उस का झुमका होना भी मंज़ूर है याँ इसी कारण कपोलों से मुलाक़ातें तो होंगी — Sandeep dabral 'sendy'

मूल रूप में 'कपोल' गाल को संदर्भित करता है, जो चेहरे का वह हिस्सा है जो अक्सर भावनाओं की अभिव्यक्ति करता है। कविता में, यह शब्द लाली की गर्मी, युवावस्था की कोमलता और अनकहे भावों की मौन भाषा से ओतप्रोत है।

'कपोल' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमी की लाली, युवावस्था की नाजुक सुंदरता, या विश्राम में चेहरे की मौन वाक्पटुता को चित्रित करने के लिए करते हैं।

कपोल अनकहे भावों का कोमल भार वहन करता है, मानव चेहरे की सुंदरता का मौन प्रमाण।