Meaning of

कहक़हा

kahkaha • کہکہا

हँसी; ज़ोर की हँसी; ठहाका

laughter; loud laugh; guffaw

ہنسی; زور کی ہنسی; قہقہہ

Arabic

उदासियों के समुंदर में डूब जाता मैं जो कहकहा न लगाता तो और क्या करता — Abdulla Asif
जिगर के ख़ून की बूंदों को यक जा कर के शजर तमाम रात में इक कहक़हा बनाया गया — Shajar Abbas

कहक़हा शब्द अनियंत्रित हँसी की ध्वनि को जगाता है, एक ऐसी खुशी का विस्फोट जो वातावरण को भर देता है। कविता में, यह शुद्ध आनंद के क्षणों और खुशी के सहज विस्फोट को पकड़ता है, अक्सर मौन या दुःख के विपरीत।

कवि 'कहक़हा' का उपयोग खुशी और उत्सव के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में आता है जो सभाओं, उत्सवों या अप्रत्याशित खुशी के क्षणों का वर्णन करते हैं। यह शब्द विरोधाभासों को भी उजागर कर सकता है, जैसे आँसुओं के बीच हँसी।

कविता की दुनिया में, 'कहक़हा' मानवीय आत्मा की हल्केपन और सहजता की याद दिलाता है।