Meaning of

काज़ल

kaajal • کاجل

काजल; आँखों का श्रृंगार; सुंदरता का प्रतीक

kohl; eyeliner; metaphor for beauty

کاجل; آنکھوں کا سنگھار; خوبصورتی کی علامت

Sanskrit

खींची जो उस ने आँख में काजल की इक लकीर मैं ने भी अपने सीने पे इक हाथ रख लिया — Mukesh Jha
तुम ने जब से अपनी पलकों पर रक्खा कालिख़ को सब काजल काजल कहते हैं — Vishal Bagh
तुम्हारा काम इतना है कि बस काजल लगा लेना तुम्हारी आँख की ख़ातिर नज़ारे मैं बनाऊँगा — Khalid Nadeem Shani
जब से उस ने नम आँखों में काजल पहना है उस राधा प्यारी ने मुझ को मोहन कहना है — nakul kumar
तुम्हारे अंदर छुपी हुई इक हसीन लड़की ज़रा से काजल ज़रा सी लाली से मिल गई है — Vishal Bagh
पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह — Parveen Shakir
लड़कियों के दुख अजब होते हैं सुख उस से अजीब हँस रही हैं और काजल भीगता है साथ साथ — Parveen Shakir

मूल रूप में 'काजल' आँखों के चारों ओर लगाया जाने वाला गहरा श्रृंगार है, जो उनकी आकर्षण को बढ़ाता है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर दृष्टि की गहराई और रहस्य को प्रकट करता है, अक्सर सुंदरता की मोहक शक्ति का प्रतीक बनता है।

'काजल' का उपयोग कवि अक्सर प्रिय की मोहक आँखों का वर्णन करने के लिए करते हैं, काजल की गहराई और भावना की गहराई के बीच समानता खींचते हुए। यह बुरी नजर से बचाने वाले ताबीज का प्रतीक भी हो सकता है।

काजल सुंदरता के आकर्षण और रहस्य को समेटे हुए है, आत्मा की खिड़कियों का मौन रक्षक।