Meaning of

काफ़िये

kaafiye • قافیے

तुक; अंत ध्वनियाँ

rhymes; end sounds

قافیہ; اختتامی آوازیں

Arabic

इल्म है नहीं जिस को बह्र काफ़िये का भी ऐसा शख़्स ही साहब अव्वलीन शाइ'र है — A R Sahil "Aleeg"
वक़्त लगता हैं रदीफ़-ओ-क़ाफ़िये में ये ग़ज़ल यूँँ ही नहीं होती मुक़म्मल — Salma Malik

कविता में 'काफ़िये' उन तुकबंदी वाले शब्दों या ध्वनियों को कहते हैं जो छंदों में संगीतात्मकता और लय पैदा करते हैं। यह वह प्रतिध्वनि है जो पंक्तियों को जोड़ती है, एक प्रकार की समरसता और पूर्णता प्रदान करती है।

'काफ़िये' का उपयोग कवि अपनी रचनाओं की गीतात्मक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर भावनाओं को जगाने, निरंतरता का अहसास कराने और विशेष विषयों या विचारों को उजागर करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

'काफ़िये' की कला ध्वनि और अर्थ का एक नाजुक नृत्य है, जो भावनाओं की एक बुनावट बुनती है।