Meaning of

कारगह-ए-दहर

kaargah-e-dehr • کارگہ دہر

दुनिया का कार्यस्थल; जीवन का भव्य मंच

workshop of the world; the grand stage of life

دنیا کی کارگاہ; زندگی کا عظیم اسٹیج

Persian

अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत दिल ऐ दोस्त कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है — Majrooh Sultanpuri

यह वाक्यांश दुनिया को एक विशाल कार्यशाला के रूप में दर्शाता है जहाँ जीवन का नाटक चलता है। यह निरंतर गतिविधि और सृजन का स्थान है, जहाँ हर आत्मा भव्य योजना में अपनी भूमिका निभाती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग मानव प्रयासों और भावनाओं के मंच के रूप में दुनिया को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह जीवन की निरंतर गति, भाग्य और प्रयास के परस्पर क्रिया, या सांसारिक मामलों की क्षणभंगुर प्रकृति को व्यक्त कर सकता है।

कविता में 'कारगह-ए-दहर' अस्तित्व के निरंतर नृत्य का रूपक बन जाता है, जो ब्रह्मांडीय नाटक में हमारी भूमिकाओं की याद दिलाता है।