Meaning of

किताब-ए-ज़ीस्त

kitaab-e-zeest • کتاب زیست

जीवन की किताब; जीवन की कथा

book of life; life's narrative

زندگی کی کتاب; زندگی کی کہانی

Persian

मोहब्बत से निकलना जो कभी तो देखना तुम किताब-ए-ज़ीस्त के पन्नों में लिक्खा क्या गया था — Shubham Rai 'shubh'
किताब-ए-ज़ीस्त पढ़ते-पढ़ते थक गए किताब-ए-मौत लाके मुझ को दे कोई — Upendra Bajpai

यह वाक्यांश जीवन को एक लिखित पांडुलिपि के रूप में दर्शाता है, जहाँ प्रत्येक पृष्ठ अनुभवों और भावनाओं से भरा होता है। कविता में, यह अस्तित्व की कहानी के खुलने का संकेत देता है, जहाँ हर अध्याय का अपना महत्व होता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग जीवन की यात्रा को खोजने के लिए करते हैं। यह समय के गुजरने, ज्ञान के संचय, या भाग्य की अनिवार्यता को दर्शा सकता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'किताब-ए-ज़ीस्त' मानव अस्तित्व की खुलती गाथा का रूपक बन जाता है।