Meaning of

किताब-ए-मौत

kitaab-e-maut • کتاب موت

मृत्यु की पुस्तक; अंत का लेखा

book of death; record of demise

موت کی کتاب; انجام کا حساب

Arabic

किताब-ए-ज़ीस्त पढ़ते-पढ़ते थक गए किताब-ए-मौत लाके मुझ को दे कोई — Upendra Bajpai

यह वाक्यांश मृत्यु की अनिवार्यता और अंतिमता को दर्शाता है, जैसे जीवन एक कहानी है जो मृत्यु पर समाप्त होती है। कविता में, यह अक्सर उस अंतिम सत्य का प्रतीक होता है जो सभी का इंतजार करता है, एक ऐसा लेखा-जोखा जहाँ हर जीवन का हिसाब होता है।

कवि इसका उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुरता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह अनिवार्य अंत की याद दिलाता है, अक्सर जीवन की जीवंतता के विपरीत। यह भाग्य या नियति के लिए एक रूपक भी हो सकता है।

मौत की किताब के शांत पन्नों में, जीवन अपनी गंभीर समाप्ति पाता है।