Meaning of

कुफ़्र

kufr • کفر

अविश्वास; विधर्म; ईशनिंदा

disbelief; heresy; blasphemy

کفر; الحاد; گستاخی

Arabic

आज फिर कुफ़्र कमाया हम ने शोर को शे'र सुनाया हम ने — Vishal Bagh
इश्क़ मज़हब रब सनम और आशिक़ी इस की 'इबादत इस में शिकवा कुफ़्र है और इल्तिज़ा जुर्म-ए-कबीरा — A R Sahil "Aleeg"
जब ख़ुदा हो जाए क़ातिल-यार तो सज्दे की ख़ातिर ख़ून से अपने वुज़ू करना कहाँ से कुफ़्र होगा — SHIV SAFAR
यक़ीनन कुफ़्र है लेकिन वो फिर भी बे-हिजाब आया मगर आया तो यूँॅं मानो ज़मीं पर आफ़ताब आया — 'June' Sahab Barelvi
जी में आता है इन्हें कुफ़्र का फ़तवा दे दूँ इन हसीनों के कई सारे ख़ुदा होते हैं — A R Sahil "Aleeg"
छुअन क़िस्मतों में नहीं हूँ मैं गेसू नसीबों में बोसे नहीं गाल हूँ मैं — Adesh Rathore

'कुफ़्र' एक ऐसा शब्द है जो धार्मिक और नैतिक अर्थों से भरा हुआ है। यह आस्था या दिव्य सत्य के अस्वीकार को दर्शाता है, अक्सर स्थापित मानदंडों के खिलाफ विद्रोह की भावना के साथ। कविता में, यह विश्वास और संदेह के बीच संघर्ष का प्रतीक हो सकता है।

कवि अक्सर 'कुफ़्र' का उपयोग आध्यात्मिक विद्रोह और अस्तित्वगत संदेह के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत विश्वासों के बीच तनाव, या अपने विश्वास पर सवाल उठाने की आंतरिक उथल-पुथल को उजागर कर सकता है।

कविता में, 'कुफ़्र' आत्मा के विश्वास और संदेह के संघर्ष को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।