Meaning of

कोह-ए-नूर

koh-e-noor • کوہ نور

प्रकाश का पर्वत; अतुलनीय सुंदरता

mountain of light; unparalleled beauty

روشنی کا پہاڑ; بے مثال خوبصورتی

Persian

क़द्र होगी हमारी लुटने पर जैसे लुटने से कोहिनूर हुआ — Aayush Maikhuri
चढ़ा है यूँँ तेरा ही भूत सर मेरे तेरे सिवा न कोहिनूर चाहिए न हूर चाहिए मुझे — Trinetra Dubey

कोह-ए-नूर, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'प्रकाश का पर्वत', चमकदार चमक और अतुलनीय सुंदरता की छवियाँ उत्पन्न करता है। यह दुर्लभता और मूल्य का प्रतीक है, अक्सर किसी कीमती और अप्राप्य चीज़ से जुड़ा होता है। कविता में, यह प्रिय या किसी आदर्श के लिए रूपक बन जाता है, जो एक आंतरिक प्रकाश से चमकता है जो आत्मा को मोहित करता है।

कवि कोह-ए-नूर का उपयोग प्रिय की सुंदरता का प्रतीक करने के लिए करते हैं। यह एक आदर्श का प्रतिनिधित्व करता है जो प्रेरणादायक और मायावी दोनों है। यह छवि विस्मय और प्रशंसा की भावना उत्पन्न करती है।

कोह-ए-नूर सुंदरता और पूर्णता की खोज को दर्शाता है। यह उस प्रकाश की याद दिलाता है जो मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है।