Meaning of

ख़त-ए-क़िस्मत

khat-e-qismat • خط قسمت

भाग्य की रेखा; तक़दीर का लेख

line of fate; destiny's script

قسمت کی لکیر; تقدیر کا لکھا

Persian

हाँ ख़त-ए-क़िस्मत ख़ुदा की दस्तख़त है तुम मिरे हो कोई फ़न आता नहीं पर इक सिफ़त है तुम मिरे हो — 100rav

यह वाक्यांश भाग्य की उस रेखा की छवि प्रस्तुत करता है जो मानो किसी दिव्य हाथ द्वारा लिखी गई हो, एक पूर्वनिर्धारित मार्ग जिसे व्यक्ति अनजाने में ही अनुसरण करता है। कविता में, यह अक्सर भाग्य की अनिवार्यता का प्रतीक होता है, एक ऐसा लेख जो बदला नहीं जा सकता।

कवि इसका उपयोग भाग्य और अनिवार्यता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह स्वतंत्र इच्छा के विचार के विपरीत है। अक्सर अपने भाग्य को स्वीकार करने या समर्पण व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।

काव्यिक क्षेत्र में, ख़त-ए-क़िस्मत हमारे जीवन को आकार देने वाली अदृश्य शक्तियों की याद दिलाता है।