Meaning of

ख़य्यात

khayyaat • خیات

दर्जी; कपड़े सिलने वाला

tailor; dressmaker

درزی; کپڑے سینے والا

Arabic

शब-ए-फ़िराक़ में ज़ख़्म-ए-जिगर से रिसता है ख़ूँ रफ़ू इन्हें भला ख़य्यात क्यूँ नहीं करता — Shajar Abbas

अपने मूल अर्थ में, 'ख़य्यात' एक ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जो सिलाई के कला में निपुण होता है, एक कारीगर जो कपड़े को परिधान में ढालता है। कविता में, यह शब्द अक्सर उस सावधानी और रचनात्मकता को दर्शाता है जो कच्चे माल से सुंदरता को गढ़ने में लगती है।

'ख़य्यात' का उपयोग कवि सृजन की नाजुक कला के प्रतीक के रूप में करते हैं, चाहे वह परिधान हो या सपने। यह भावनाओं और विचारों की जटिल बुनाई का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कवि के हाथों में, 'ख़य्यात' सृजन और कल्पना के बीच नाजुक संतुलन का रूपक बन जाता है।