Meaning of

ख़ासा

KHaasa • خاصہ

विशेष; खास; अद्वितीय

special; particular; unique

خاص; مخصوص; منفرد

Arabic

मुझ सेे वा'दा करने वाले वा'दा कर के भूल गए अच्छा ख़ासा पीतल था मैं सोना कर के भूल गए — Tanoj Dadhich
अच्छा ख़ासा हँसता था मुस्काता था मैं यारों में हँस-मुख जाना जाता था — Hukm
अच्छा ख़ासा उठता गिरता चलता था तुम ने 'उड़ सकते हो' कह मरवा डाला — Shoonya Shrey
मैं ने समझा है औरतों का दुख अच्छा-ख़ासा है औरतों का दुख — 'June' Sahab Barelvi
अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता तुम हो जाता हूँ — Anwar Shaoor
मुझ सेे वा'दा करने वाले वा'दा कर के भूल गए अच्छा ख़ासा पीतल था मैं सोना कर के भूल गए — Tanoj Dadhich
मुझ सेे वा'दा करने वाले वा'दा कर के भूल गए अच्छा ख़ासा पीतल था मैं सोना कर के भूल गए — Hamdard in
मुझ को अंदर से खाता है हिज्र किसी का वर्ना शब को अच्छा-ख़ासा सोता था मैं — Piyush Nishchal
पेशे से कोई अच्छा-ख़ासा चित्रकार तो नइँ हूँ मैं याँ लेकिन विश्वास कीजिएगा मुझ सेे बेहतर तस्वीर नइँ बनाएगा कोई — Sandeep dabral 'sendy'

ख़ासा विशेषता और अद्वितीयता की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर किसी व्यक्ति, क्षण, या भावना की असाधारण विशेषताओं को उजागर करता है, जो उन्हें साधारण से अलग करता है।

कवि 'ख़ासा' का उपयोग अपने विषय की अनोखी सुंदरता या महत्व को उजागर करने के लिए करते हैं। यह एक प्रिय स्मृति, एक दुर्लभ भावना, या एक अद्वितीय दृष्टिकोण को दर्शा सकता है।

ख़ासा साधारण के भीतर असाधारण का उत्सव मनाता है, जीवन की बुनावट में अद्वितीय धागों की याद दिलाता है।