Meaning of

ख़िदमत-गुज़ारी

khidmat-guzaari • خدمت گزاری

सेवा; समर्पण

service; devotion

خدمت; وفاداری

Persian

इश्क़ में ख़िदमत-गुज़ारी की मिसालें ढूँढ़ते हो जब भी ग़लती वो करे हैं माँगता माफ़ी मैं ही हूँ — arjun chamoli

ख़िदमत-गुज़ारी का मूल भाव सेवा और समर्पण की विनम्रता में निहित है। कविता में, यह शब्द अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर एक गहरी, लगभग आध्यात्मिक भक्ति का प्रतीक बन जाता है, जहाँ सेवा का कार्य प्रेम और वफादारी की अभिव्यक्ति बन जाता है।

कवियों द्वारा 'ख़िदमत-गुज़ारी' का उपयोग अक्सर वफादारी और निःस्वार्थता के विषयों को खोजने के लिए किया जाता है। यह प्रेमी की भक्ति, शिष्य की निष्ठा, या किसी उद्देश्य के प्रति अटल सेवा को चित्रित कर सकता है। यह शब्द स्वार्थ के विपरीत, इरादे की पवित्रता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ख़िदमत-गुज़ारी' हृदय की पवित्रता का प्रमाण बन जाती है। यह निःस्वार्थ कार्यों में पाई जाने वाली सुंदरता की एक कोमल याद दिलाती है।