Meaning of

ख़ुशबूई

khushbooi • خوشبوئی

सुगंध; महक

fragrance; scent

خوشبو; مہک

Persian

हसीन लड़कियाँ ख़ुश्बूएँ चाँदनी रातें और इन के बा'द भी ऐसी सड़ी हुई दुनिया — Ameer Imam
फैली हुई हैं गाँव में ख़ुशियों की ख़ुश्बुएँ चूल्हों पे आज फिर हैं पतीले चढ़े हुए — Ajeetendra Aazi Tamaam
चारों तरफ़ बिखर गईं साँसों की ख़ुशबुएँ राह-ए-वफ़ा में आप जहाँ भी जिधर गए — Kumar Vishwas
खुशबुएँ लूटने वाला भी वही ठहरा है जो कि मामूर था गुलशन की हिफ़ाज़त के लिए — Irshad 'Arsh'

'ख़ुशबूई' सुगंध की नाजुक और क्षणभंगुर प्रकृति को व्यक्त करता है, एक इंद्रिय अनुभव जो स्मृति में बना रहता है। कविता में यह अक्सर सुंदरता, स्मृतियों और क्षणों के अदृश्य सार का प्रतीक होता है।

कवि 'ख़ुशबूई' का उपयोग स्मृति और लालसा से जुड़े भावनाओं को जागृत करने के लिए करते हैं। यह अमूर्त और क्षणभंगुर के लिए एक रूपक है, जो अक्सर मूर्त और स्थायी के विपरीत होता है।

कविता में 'ख़ुशबूई' जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता की कोमल याद दिलाता है। यह बीते हुए क्षणों और स्मृति की स्थायी शक्ति की फुसफुसाहट करता है।