Meaning of

ख़ुशा

khusa • خوشا

आनंद; प्रसन्नता; खुशी

joy; delight; happiness

خوشی; مسرت; شادمانی

Persian

ज़रा रूठ जाने पे इतनी ख़ुशामद 'क़मर' तुम बिगाड़ोगे आदत किसी की — Qamar Jalalvi
कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ — Nityanand Vajpayee
ख़ुशामद के हिसारों से नहीं निकले सियासी लोग नारों से नहीं निकले — Saarthi Baidyanath
ये सर्दी जान लेलेगी दिसंबर में ख़ुशामद कर के सूरज को बुलालो अब — Meem Alif Shaz
सारे सुर उस की ख़ुशामद में लगे हैं देखिए तो आज उस ने पैरों में पाज़ेब जो पहनी हुई है — Harsh saxena
जो बिन माँगे मिल जाए वो है मुहब्बत ख़ुशामद करोगे तो ख़ैरात होगी — Hameed Sarwar Bahraichi
भंवरे किया करते थे दिन रात खुशामद मेरी जब मैं फूलों का कारोबार किया करता था — Rajnish
पास मेरे बैठ जा, कर एक दो शिकवे कभी तो मैं ख़ुशामद कर के अब तुझ को मनाना चाहता हूँ — Meem Alif Shaz

‘ख़ुशा’ शब्द एक शुद्ध आनंद और प्रसन्नता की भावना को जागृत करता है, अक्सर एक सहज खुशी के विस्फोट को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह एक क्षण के सार को पकड़ता है जो असीम आनंद से भरा होता है, एक क्षणिक लेकिन गहरा अनुभव।

कवि अक्सर 'ख़ुशा' का उपयोग अप्रत्याशित खुशी के क्षणों का जश्न मनाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो छंदों में हल्कापन लाता है, अक्सर दुख या लालसा के विषयों के विपरीत। यह कविता में एक अचानक विस्मयादिबोधक हो सकता है, एक क्षणिक पलायन।

ख़ुशा क्षणिक खुशियों की सुंदरता की याद दिलाता है। यह हमें अस्तित्व की हल्कापन को संजोने के लिए आमंत्रित करता है।